Hello friends,,
इस आर्टिकल में आपका स्वागत है। हमे Follow करना ना भूले। यहां आपको जो post देखेंगे वो आपकी जिंदगी बेहतर बना सकती है ।
...
▁ ▂ ▄ ▅ ▆ ▇ █ █ ▇ ▆ ▅ ▄ ▂ ▁
★ सूक्तियाँ ~ अर्थात छोटी-छोटी बातें
जो हमारी मानसिकता और
शुद्ध विचारों का निर्माण करती हैं.
जिनके अनुसरण से जीवन को
सरलता से जिया जा सकता है.
यह जीवन में सुहृदय मित्र की भाँति
हमारा पथ प्रदर्शन करती हैं.
★─⊱━━━━⊱⊰━━━━━⊰─★
जो बोलता नहीं केवल सुनता है ,
वह भगवान,
जो कम बोलता है वह संत , और
जो सोच समझकर बोलता है वह इंसान
और जो बोलता ही रहता है , वह राक्षस.
★
भगवान, हमारे बारे में सोचते हैं.
संत, धर्म और समाज के बारे में सोचते हैं.
इंसान, सहयोग करने की सोचता है.
राक्षस, खुद को सुखी और
दूसरे को दुखी करने की सोचता है.
★
भगवान, उपदेश देते हैं.
संत, वात्सल्य देते हैं.
इंसान, सहयोग करता है , और
राक्षस, दूसरों की चीजों पर
कब्ज़ा जमाता है.
★
मनुष्य, अपना दिन व्यर्थ के कार्यो में
एवं व्यर्थ चर्चा में बिताते है, और रात्रि
सोने अथवा प्रसंग में बिताते हैं,
जिसके कारण उनके भाग्य एवं बुद्धि
दोनों मंद होते जा रहे हैं.
★
संसार के कार्यो में श्रम करना
पुरुषार्थ नहीं है.
भगवत प्राप्ति के लिए
प्रयत्न करना ही पुरुषार्थ है.
★
जिस घर में
एक परमात्मा प्राप्त व्यक्ति
अर्थात संत पैदा हो जाता है ,
उस घर की पीढ़ियाँ तर जाती हैं.
ये भगवान श्री कृष्ण का वचन है.
जो हो रहा है
ईश्वर की मर्जी से हो रहा है,
और अच्छा हो रहा है.
👆 हर व्यक्ति की ऐसी ही सोच हो, तो
दुनिया से दुख और पीड़ा
गायब हो जाएगी.
यह सकारात्मक सोच व्यक्ति की
दशा और दिशा बदल देती है.
दुख में सुख का अनुभव करवा देती है.
इससे मैत्री, करुणा, प्रेम, दया और
वात्सल्य भाव
जीवन में अवतरित होने लगते हैं.
★
प्रश्न चाहे कितने ही जटिल क्यों न हो,
हम स्वयं अपने प्रश्नों के उत्तर हैं.
प्रश्न यदि खंड है, तो उत्तर अखंड है.
और इसी भावना के साथ
हमें जीवन में आने वाले
हर प्रश्नों पर विजय पानी है.
★
घाव पर कपड़ा भी छुरी बनकर लगता है.
दुखे हुए अंग को हवा भी दुख देती है.
भली स्त्री से घर की रक्षा होती है.
संसार मन से भिन्न नहीं है ,
मन हृदय से भिन्न नहीं है, अतः
समस्त कथा हृदय में ही
समाप्त हो जाती है.
★
जो शाँत है ...स्वयं में प्रसन्न है.
जिसने संसार की वस्तुओं के लिए
दौड़ना छोड़ दिया.
जिसके व्यवहार में बनावट न हो
जिसका विषय सिर्फ परमात्मा एवं
आनन्द बाँटना हो.
👆 ये सद्गुरू के कुछ लक्षण हैं.
बुद्धिमान वे हैं,
जो सद्गुरू कोअपने जीवन का
सारथी बनाते हैं.
•┈✤┈┈┈••┈┈┈┈••┈┈✤┈•
════════


0 टिप्पणियाँ